कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त 2025 Ujjain – कालसर्प दोष हिंदू ज्योतिष में एक अत्यंत प्रभावशाली दोष माना गया है। जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो यह दोष उत्पन्न होता है। इसका असर जीवन में कई प्रकार की रुकावटों, बाधाओं और मानसिक तनाव के रूप में देखने को मिलता है।
इस दोष से मुक्ति पाने के लिए कालसर्प दोष निवारण पूजा सबसे प्रभावी उपाय मानी गई है। विशेषकर उज्जैन (मध्यप्रदेश) को इस पूजा के लिए सर्वोत्तम स्थान कहा गया है। यहाँ दक्षिणमुखी श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री मंगलनाथ और श्री काल भैरव विराजित हैं। काल सर्प दोष का पूजन पतित पवन माँ क्षिप्रा के तट श्री अंगारेश्वर घाट, मंगलनाथ घाट, रामघाट, नरसिंह घाट, आदि क्षिप्रा नदी के घाटों पर प्राचीन परंपरा से होता आ रहा है।
कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त 2025 Ujjain (अक्टूबर से दिसम्बर)
- पारिवारिक और वैवाहिक समस्याएँ – विवाह में देरी, पति-पत्नी के बीच तनाव।
- व्यवसाय और नौकरी की अड़चनें – प्रयास करने के बावजूद सफलता में देरी।
- मानसिक शांति का अभाव – लगातार तनाव, भय और अवसाद।
- पितृ दोष और ग्रह बाधाएँ – कुल में शांति और समृद्धि का अभाव।
- नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव – आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति में कमी।
इस पूजा से जातक के जीवन में स्थिरता, प्रगति और मानसिक शांति आती है।
उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण पूजा का महत्व
उज्जैन को भगवान शिव की पवित्र भूमि माना जाता है यहाँ दक्षिणमुखी स्वम्भू श्री महाकालेश्वर और वर्ष में एक बार खुलने वाला श्री नागचंद्रेश्वर का मंदिर स्थापित हैं। यहाँ मोक्षदायनी माँ क्षिप्रा नदी के घाटों पर कालसर्प पूजा अनुष्ठान की जाती है. यह एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है जहाँ वैदिक पद्धति से कालसर्प दोष पूजा की जाती है, जिससे व्यक्ति को कुंडली जानती दोषों से मुक्ति मिलती है।
कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त 2025 (अक्टूबर – दिसम्बर) – उज्जैन
नीचे दिए गए मुहूर्त पंचांग और ज्योतिषीय गणना अनुसार शुभ बताए जा रहे हैं। अंतिम निर्णय एवं अधिक जानकारी के लिए पंडित मनीष शर्मा गुरुजी को 93291-68061 काल करें।
| तिथि | वार | विशेष योग / पर्व | पूजा का शुभ समय |
|---|---|---|---|
| 02 अक्टूबर 2025 | गुरुवार | पितृपक्ष समाप्ति के बाद प्रथम शुभ काल | सुबह 7:15 से दोपहर 12:10 |
| 13 अक्टूबर 2025 | सोमवार | सर्वार्थ सिद्धि योग | सुबह 9:05 से 11:55 |
| 27 अक्टूबर 2025 | सोमवार | प्रदोष व्रत | सुबह 7:00 से 10:50 |
| 07 नवम्बर 2025 | शुक्रवार | त्रिपुष्कर योग | सुबह 8:10 से 12:00 |
| 18 नवम्बर 2025 | मंगलवार | कार्तिक पूर्णिमा | सुबह 6:45 से 11:30 |
| 29 नवम्बर 2025 | शनिवार | सिद्ध योग | सुबह 7:30 से 12:20 |
| 05 दिसम्बर 2025 | शुक्रवार | मोक्षदा एकादशी | सुबह 7:20 से 11:45 |
| 15 दिसम्बर 2025 | सोमवार | सोमवती अमावस्या | सुबह 6:55 से 12:10 |
| 23 दिसम्बर 2025 | मंगलवार | अष्टमी तिथि | सुबह 8:00 से 11:40 |
| 31 दिसम्बर 2025 | बुधवार | वर्षांत विशेष पूजा | सुबह 7:10 से 12:15 |
👉 इन मुहूर्तों में पूजा कराने से जातक को उत्तम फल प्राप्त होता है।
अन्य संभावित पूजा तिथियाँ – उज्जैन (अक्टूबर – दिसम्बर 2025)
5 अक्टूबर, 10 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 18 अक्टूबर, 27 अक्टूबर, 28 अक्टूबर
1 नवंबर, 3 नवंबर, 7 नवंबर, 10 नवंबर, 13 नवंबर, 16 नवंबर, 19 नवंबर, 22 नवंबर, 25 नवंबर, 28 नवंबर, 30 नवंबर
4 दिसंबर, 7 दिसंबर, 10 दिसंबर, 13 दिसंबर, 16 दिसंबर, 20 दिसंबर, 21 दिसंबर, 25 दिसंबर, 27 दिसंबर, 31 दिसंबर
कालसर्प दोष निवारण पूजा की प्रक्रिया (संक्षेप में)
पूजा प्रारंभ करने से पहले शुद्दिकरण कर संकल्प लिया जाता है। इसके पश्चात् विघ्नहर्ता गणेश एवं माँ जगदम्बा जी का पूजन, पंचांग कर्म (पुण्याहवाचन, ब्राह्मणवरण, सप्तघृत मातृका, षोढष मातृका, वरुण कलश पूजन) , नान्दी श्राद्ध, नवकुल नाग पूजन एवं रजत नाग-नागिन की प्रतिमा पूजन, राहु-केतु शांति, नवगृह पूजन, असंख्यात रूद्र देवता पूजन इसके पश्चात् विशेष हवन। कालसर्प शांति पूजा सामान्यतः 2 से 3 घंटे में पूर्ण होती है।
कालसर्प दोष निवारण पूजा से होने वाले लाभ
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास की प्राप्ति।
- वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि।
- नौकरी, व्यवसाय और शिक्षा में सफलता।
- पितृ दोष और राहु-केतु ग्रह बाधाओं से मुक्ति।
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रगति।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा का खर्च
उज्जैन का पवित्र क्षिप्रा घाट कालसर्प दोष निवारण के लिए सबसे प्रभावी स्थलों में से एक माना जाता है। जन्म कुंडली में उपस्थित कालसर्प दोष के अशुभ प्रभावों को कम करने हेतु यहाँ विशेष पूजा-अनुष्ठान किए जाते हैं।
उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण पूजा की लागत कई कारकों पर निर्भर करती है — जैसे कि पूजा की विधि (विधान), पंडितों की संख्या, राहु-केतु मंत्र जप की गिनती, और क्या इसमें विशेष अनुष्ठान सम्मिलित हैं या नहीं।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के प्रमुख प्रकार
- बेसिक कालसर्प दोष पूजा (हवन सहित)
- सम्पूर्ण विधि – कालसर्प शांति पूजा विधान (हवन सहित)
- विशेष कालसर्प दोष पूजा (राहु-केतु जप सहित)
जो भक्त स्वयं उज्जैन नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन पूजा सेवा भी उपलब्ध है। इसमें लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग के साथ प्रसाद डाक द्वारा भेजा जाता है।
उज्जैन में सर्वश्रेष्ठ पंडित – पंडित नरेंद्र शर्मा जी
उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण के लिए पंडित नरेंद्र शर्मा जी सबसे अधिक प्रसिद्ध और विश्वसनीय माने जाते हैं। उनके पास 75 वर्षों से अधिक का अनुभव है और उन्होंने भारत तथा विदेशों के हजारों भक्तों के लिए सफलतापूर्वक पूजा, हवन, अनुष्ठान और मंत्र जप संपन्न किए हैं। जन्म कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत समाधान प्रदान करते हैं। उनकी विशेषता यह है कि वे परंपरागत वैदिक पद्धति से विधि विधान पूर्वक कालसर्प दोष शांति, मांगलिक दोष शांति और महामृत्युंजय जप जैसे विशेष अनुष्ठानों में विशेषज्ञता रखते हैं। इसी कारण उन्हें उज्जैन का सबसे विश्वसनीय और अनुभवी ज्योतिषाचार्य माना जाता है।
यदि आप वास्तविक और फलदायी कालसर्प दोष निवारण पूजा कराना चाहते हैं, तो उज्जैन के क्षिप्रा तट पर पंडित नरेंद्र शर्मा जी के साथ अपनी पूजा अवश्य बुक करें। अधिक जानकारी या बुकिंग के लिए कॉल करें: 93291-68061

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