मंगलनाथ मंदिर उज्जैन me Mangal Puja, Shivling Puja Samagri aur Pandit ji ke saath Mangalnath Puja Ujjain Puri Jankari Contact Number 93291 68061

उज्जैन मंगलनाथ मंदिर के बारे में

उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में मंगल ग्रह का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। शहर की भागदौड़ और शोरगुल से कोसों दूर बसा यह दिव्य मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अद्भुत शांति का अनुभव कराता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मंगल ग्रह को पृथ्वी का पुत्र माना गया है, अर्थात उसकी उत्पत्ति स्वयं धरती से हुई मानी जाती है। पुराणों के अनुसार कथा के अनुसार भगवान शिव के पसीने की बूंद से यहां मंगल ग्रह का जन्म हुआ था। यहां भगवान मंगल देव मंगलनाथ मंदिर में शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।

ज्योतिषीय मत के अनुसार मंगल ग्रह का स्वभाव उग्र माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां, ग्रह और नक्षत्र मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं, जिसमें मंगल को ऊर्जा, साहस और उदय का प्रतीक माना जाता है।

क्षिप्रा नदी के पावन तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर उज्जैन की आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि उज्जैन पृथ्वी के केंद्र बिंदुओं में से एक है और प्रसिद्ध कर्क रेखा मंगलनाथ मंदिर के ऊपर से होकर गुजरती है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर श्रद्धा, आस्था और इतिहास का अनमोल संगम प्रस्तुत करता है।

मत्स्य पुराण के उल्लेख और मंदिर के प्राचीन शिलालेखों में इसे मंगल की जन्मभूमि बताया गया है। शांत वातावरण में स्थित यह मंदिर क्षिप्रा नदी के विस्तृत और मनमोहक दृश्य को निहारता हुआ आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय अनुभव कराता है।

मंगलनाथ मंदिर पूजा जानकारी

मंगल दोष पूजा का मुख्य उद्देश्य मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभाव को कम करना होता है और जीवन में स्थिरता और सुख लाना होता है। यहाँ विवाह में हो रहे विलम्ब एवं वैवाहिक जीवन में आ रहे तनाव को दूर करने के लिए मंगलनाथ मंदिर में पूजा की जाती हैं। विशेष रूप से प्रसिद्ध मंगल भात पूजा खास तौर पर मंगल को शांत करने के लिए की जाती है और पूरी दुनिया में यह पूजा केवल यहां ही मंगल भात पूजा की जाती है।

मंगलनाथ मंदिर में कई प्रकार की पूजा कराई जाती है, जिनमें मुख्य रूप से:

मंगलनाथ मंदिर टाइमिंग

मंदिर टाइमिंग का दर्शन का आम तौर पर ओपनिंग टाइम: सुबह 4:00 बजे एवं क्लोजिंग टाइम: रात 8:00 बजे होता है लेकिन मौसम के अनुसार यह बदल जाता हैं सर्दी के मौसम में देर से मंदिर के पट खुलते हैं और रात्रि में जल्दी बंद हो जाते हैं। भात पूजन का टाइमिंग सुबह आरती के बाद 10 बजे से शुरू होता हैं और शाम को 4 -5 बजे तक मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा की जाती हैं। सुबह का समय दर्शन और पूजा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

मंगलनाथ मंदिर कैसे पहुंचे

भगवान मंगल देव का मंगलनाथ मंदिर उज्जैन से बहार स्थित हैं और उज्जैन रेलवे स्टेशन से मंगलनाथ मंदिर की दुरी 6 किमी और महाकाल मंदिर से लगभग 5 किमी दूर है। मंगलनाथ मंदिर पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा, बेटरी रिक्शा से शेयरिंग करके, या टैक्सी से 15-20  मिनट में पहुंचा जा सकता है इसके साथ ही यहाँ Rapido Book करके भी पंहुचा जा सकता हैं।

मंगल दोष पूजा के लिए मंगलनाथ मंदिर का महत्व

अगर मंगल दोष पूजा के लिए एकमात्र और सबसे शक्तिशाली स्थान की बात करें तो मंगलनाथ मंदिर को सर्वोच्च माना जाता है क्योंकि हजारों साल पुराना धार्मिक स्थल शिप्रा नदी के किनारे स्थित मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह जन्म स्थान माना जाता है माना जाता हैं देवासुर संग्राम के दौरान शिव जी का पसीना भूमि पर गिरने से भूमिपुत्र मंगल देव की उत्पत्ति हुई थी यह मंदिर स्वयंभू हैं। यहां रोजाना हजारो भक्त दर्शन और पूजा करवाने आते हैं।

मंगलनाथ मंदिर में पूजा कैसे बुक करे

मंगलनाथ मंदिर के आधिकारिक या स्थानीय पंडित से संपर्क करके पूजा करवाई जा सकती है। मंदिर में उज्जैन के अनुभवी पंडित मनीष शर्मा मंगल दोष पूजा वैदिक विधि अनुसार करवाते हैं। यहाँ पूजा करवाने के लिए आप मोबाइल 9329168061 पर कॉल कर सकते हैं और साथ ही आप पूजा बुकिंग से पहले सही जानकारी 9329168061 व्हाट्सप्प करके भी ले सकते हैं।  मंगल दोष पूजा के लिए एडवांस बुकिंग जरूरी होती है।

मंगलनाथ भात पूजा

पुराणों के अनुसार भगवान मंगल देव की देह लाल रंग की हैं जो की अंगारे से बनी हुई हैं इसलिए मंगल को अंगारक भी कहा जाता हैं और मंगल गृह की तासीर गर्म मानी जाती हैं। मंगलनाथ मंदिर में शिवलिंग पर भात (चावल) और दही को मिलाकर चढ़ाया (लेप किया) जाता हैं  जिससे मंगल देव को सुख प्राप्त होता हैं प्रसन्न होते हैं जिससे भक्तो को मंगल का आशीर्वाद मिलता हैं।

मंगलनाथ करते हाँ सबका मंगल

मंगलनाथ पूजा उज्जैन हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर आपकी कुंडली में मंगल दोष है या जीवन में बाधाएं आ रही हैं, तो यहां पूजा करवाना शुभ माना जाता है। उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि खगोलीय और पौराणिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

ध्यान रखने योग्य बाते  :

  1. मंगलवार को भीड़ भोत ज्यादा रहती है, इसलिए मंगल शांति या भात पूजा की बुकिंग पहले से करवा लेवे।
  2. मंगल शांति पूजा के लिए सुबह 7 से 10 का समय सबसे बेहतर रहता है क्योकि इस समय भीड़ थोड़ी कम होती हैं, इसके बाद फिर भोत ज्यादा भीड़ हो जाती हैं।
  3. मंगलनाथ मंदिर में मंगल दोष पूजा करवाने से पहले अनुभवी और विद्वान पंडित से पहले संपर्क कर पूजा विधान की जानकारी लेवे।
  4. मंगल दोष का प्रकार और पूजा विधि जानने के लिए कुंडली साथ लेकर आवे।

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